लीबिया की अंतरिम परिषद के निकट सूत्रों ने बताया है कि क्रांतिकारियों ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली की महत्वपूर्ण इमारतों में मोर्चा संभाल लिया है। क्रांतिकारियों ने हालिया कुछ दिनों के दौरान कई नगरों पर नियंत्रण किया है और क़ज्ज़ाफी के समर्थक सैनिकों व टट्टूओं के हाथ से ज़ेलेतीन और अलबरीक़ा नगर भी निकल गये। विरोधियों के हाथों से इन नगरों के निकल जाने से प्रतीत यह हो रहा है राजधानी त्रिपोली पूरी तरह क्रांतिकारियों के परिवेष्ट में आ गयी है। हालिया दिनों में क्रांतिकारियों की तीव्र प्रगति ने राजनीतिक टीकाकारों को अचरज में डाल दिया है। इससे पहले प्रतीत यह हो रहा था कि नैटो ने अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए लम्बा और थका देने वाला युद्ध आरंभ कर दिया है। कुछ टीकाकार क्रांतिकारियों की तीव्र प्रगति को क़ज़्ज़ाफी की सेना में फूट पड़ जाने और उनके क्रांतिकारियों से मिल जाने का परिणाम मान रहे हैं। यह ऐसी स्थिति में है कि जब कुछ टीकाकार क्रांतिकारियों और नेटो के मध्य हो जाने वाली सहमति को इस प्रगति का कारण मान रहे हैं। विशेषज्ञों के इस गुट का मानना है कि क़ज्ज़ाफ़ी समर्थक सैनिकों के पास जो हथियार हैं उसकी तुलना में क्रांतिकारियों के पास हल्के और कमज़ोर हथियार हैं जिसके दृष्टिगत उनकी तीव्र प्रगति असंभव है। विशेषज्ञों के इस गुट का मानना है कि क्रांतिकारियों की कमान नैटो के हाथ में है। यह ऐसी स्थिति में है जब बहुत से राजनीतिक विशेषज्ञ लीबिया में नैटो के सैनिक हस्तक्षेप के विरोधी थे और उनका मानना व कहना था कि लीबिया के भविष्य का निर्धारण इस देश की जनता द्वारा होना चाहिये। प्रतीत यह हो रहा है कि क्रांतिकारी पक्ष पश्चिम से वार्ता करने और उसकी मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है। लीबिया की क्रांतिकारी परिषद के कुछ नेताओं द्वारा ज़ायोनी शासन के साथ संबंध स्थापित किये जाने पर बल दिये जाने को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। दूसरी ओर वाशिंगटन में लीबिया के नये दूतावास के खुलने से इस विचार को बल मिल गया है कि लीबिया की अंतरिम परिषद और अमेरिका के मध्य निकट संबंध हैं।
21 अगस्त 2011 - 19:30
समाचार कोड: 261219
लीबिया की अंतरिम परिषद के निकट सूत्रों ने बताया है कि क्रांतिकारियों ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली की महत्वपूर्ण इमारतों में मोर्चा संभाल लिया